Faridabad : 27 अप्रैल। अमृता अस्पताल, फरीदाबाद ने रोटरी CARES और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख रोटरी क्लबों के सहयोग से ‘Pause Parkinson’s’ नामक एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य पार्किंसन रोग की शुरुआती पहचान, समय पर इलाज और इससे जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना रहा।
इस कार्यक्रम के आयोजन में रोटरी क्लब फरीदाबाद अमृता, दिल्ली मिडवेस्ट, दिल्ली कंपैशन एंड होप, दिल्ली मिलेनियम और दिल्ली रिस्टोरिंग स्माइल्स की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। 25 अप्रैल को आयोजित इस सत्र में मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह की बीमारियों को लेकर समाज में जागरूकता की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत *अमृता अस्पताल के न्यूरोलॉजी एवं स्ट्रोक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. संजय पांडे* के मुख्य संबोधन से हुई। उन्होंने बताया कि पार्किंसन रोग केवल हाथ कांपने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके शुरुआती लक्षणों में सूंघने की क्षमता कम होना, नींद से जुड़ी समस्याएं और हल्के-फुल्के मूवमेंट में बदलाव भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने समय पर जांच और इलाज को बेहद जरूरी बताया।
इसके बाद *अमृता अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. आनंद बालासुब्रमण्यम* ने उन्नत इलाज के विकल्पों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों, खासकर डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (DBS), की मदद से अब ऐसे मरीजों को भी बेहतर जीवन मिल सकता है, जिन्हें दवाओं से पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
कार्यक्रम के दौरान एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने पार्किंसन रोग से जुड़ी आम भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया और लोगों से अपील की कि वे इस बीमारी को लेकर फैली गलत जानकारी और डर से बाहर निकलें।
*अमृता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संजीव सिंह* ने कहा कि अमृता में इलाज के साथ-साथ जागरूकता और मरीजों को सशक्त बनाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘Pause Parkinson’s’ जैसे कार्यक्रम लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
रोटरी क्लब के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। रोटरी CARES के रोटेरियन एचएमपी सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों को समय पर बीमारी पहचानने और सही इलाज लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
रोटरी क्लब फरीदाबाद अमृता के एक प्रतिनिधि ने कहा कि पार्किंसन जैसी बीमारियां अक्सर तब तक नजरअंदाज हो जाती हैं, जब तक वे दैनिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित नहीं करने लगतीं। ऐसे में समय पर जागरूकता बेहद जरूरी है।
रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3011 के डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी रोटेरियन राकेश तलवार ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर किए गए ऐसे प्रयासों का असर कई गुना बढ़ जाता है और इससे लोगों को सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम की खास बात पार्किंसन रोग पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म रही, जिसमें मरीजों की वास्तविक कहानियों को दिखाया गया। इस फिल्म ने यह संदेश दिया कि समय पर पहचान और सही इलाज से मरीजों की जिंदगी बेहतर बनाई जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने कहा कि पार्किंसन रोग भले ही एक प्रगतिशील बीमारी है, लेकिन यदि इसकी पहचान समय पर हो और सही तरीके से इलाज किया जाए, तो इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।



